

किशोरावस्था जीवन का वह समय है जब शरीर में अनेक शारीरिक और हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। इस दौरान लड़कों में लंबाई बढ़ना, आवाज़ का भारी होना और चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ आना सामान्य बदलाव माने जाते हैं। लेकिन कई बार कुछ किशोरों मेंस्तन के आसपास के दृश्य का अवलोकन भी देखने की सलाह दी जाती है। इस स्थिति को प्यूबर्टल गाइनेकोमास्टिया कहा जाता है जिसका इलाज़ अभी भी पुरुषों के इलाज के लिए किया जाता है (गाइनेकोमास्टिया) की सर्जरी द्वार स्टार हॉस्पिटल उदयपुर में हो सकती है।
अधिकांश मामलों में यह एक सामान्य और अस्थायी स्थिति होती है, जो समय के साथ अपने आप ठीक हो जाती है। हालांकि, कई बार यह किशोरों और उनके परिवार के लिए चिंता का कारण बन जाती है। इसलिए यह जानना आवश्यक है कि यह कब सामान्य है और किन परिस्थितियों में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी हो जाता है।

प्यूबर्टल गाइनेकोमैस्टिया किशोर लड़कों में स्तन ऊतक के अस्थायी रूप से बढ़ जाने की स्थिति है। यह मुख्य रूप से शरीर में हार्मोनों के असंतुलन के कारण होता है। किशोरावस्था के दौरान पुरुष हार्मोन और महिला हार्मोन दोनों के स्तर में बदलाव आते हैं। जब कुछ समय के लिए महिला हार्मोन का प्रभाव अधिक हो जाता है, तब स्तन ऊतक का विकास होने लगता है।
यह समस्या एक या दोनों स्तनों में हो सकती है। कई बार दोनों तरफ का आकार समान नहीं होता, जो सामान्य माना जाता है।
यह स्थिति जितनी दिखाई देती है, उससे कहीं अधिक सामान्य है। लगभग आधे किशोर लड़कों में किशोरावस्था के दौरान किसी न किसी स्तर पर यह समस्या देखी जाती है।
अधिकतर मामलों में इसकी शुरुआत लगभग 10 से 16 वर्ष की आयु के बीच होती है और 13 से 14 वर्ष की आयु में इसकी संभावना सबसे अधिक रहती है।
प्यूबर्टल गाइनेकोमैस्टिया का सबसे बड़ा कारण हार्मोनल परिवर्तन है। किशोरावस्था में शरीर तेजी से विकसित होता है और इसी दौरान हार्मोनों का संतुलन कुछ समय के लिए बदल सकता है।
इसके अलावा कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं—
यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह समस्या किसी प्रकार की अस्वच्छता या सामान्य व्यायाम की कमी के कारण नहीं होती।
इस स्थिति में सबसे सामान्य लक्षण निप्पल के नीचे हल्की या ठोस गांठ का महसूस होना है। कुछ किशोरों को हल्का दर्द या छूने पर संवेदनशीलता भी महसूस हो सकती है।
मुख्य लक्षणों में शामिल हैं—
अधिकांश किशोरों में यह पूरी तरह सामान्य स्थिति होती है और इसके लिए किसी विशेष उपचार की आवश्यकता नहीं होती।
इसे सामान्य तब माना जाता है जब—
अधिकांश मामलों में समय के साथ हार्मोन संतुलित हो जाते हैं और समस्या स्वयं समाप्त हो जाती है।
हर किशोर में इसकी अवधि अलग-अलग हो सकती है। अधिकांश मामलों में यह छह महीने से दो वर्ष के भीतर धीरे-धीरे कम होने लगता है। कई किशोरों में यह 18 वर्ष की आयु तक पूरी तरह समाप्त हो जाता है।
हालांकि यह सामान्य स्थिति हो सकती है, लेकिन कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यदि निम्न में से कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए—

हर बार स्तनों का बढ़ना गाइनेकोमैस्टिया नहीं होता। कई अन्य स्थितियां भी इसके जैसी दिखाई दे सकती हैं।
इनमें शामिल हैं—
इसी कारण सही जांच और चिकित्सकीय सलाह आवश्यक होती है।
चिकित्सक सबसे पहले रोगी का विस्तृत स्वास्थ्य इतिहास लेते हैं और शारीरिक परीक्षण करते हैं।
वे निम्न बातों की जानकारी ले सकते हैं—
यदि आवश्यक हो तो कुछ जांचें भी कराई जा सकती हैं—
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से शरीर का संतुलित विकास होता है और समग्र स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
इसके लिए कुछ सरल उपाय अपनाए जा सकते हैं—
अधिकांश मामलों में किसी उपचार की आवश्यकता नहीं होती और केवल समय-समय पर चिकित्सकीय निगरानी पर्याप्त रहती है।
यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहे या अत्यधिक बढ़ जाए, तो चिकित्सक उपचार की सलाह दे सकते हैं।
संभावित उपचारों में शामिल हैं—
प्यूबर्टल गाइनेकोमैस्टिया केवल शारीरिक परिवर्तन नहीं है, बल्कि इसका मानसिक प्रभाव भी पड़ सकता है।
कुछ किशोरों में निम्न समस्याएं देखी जा सकती हैं—
ऐसी स्थिति में परिवार का सहयोग और सकारात्मक वातावरण किशोर के आत्मविश्वास को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बहुत से लोगों के मन में इस स्थिति को लेकर कई गलत धारणाएं होती हैं।
भ्रम: यह हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत है।
सच्चाई: अधिकांश मामलों में यह सामान्य और अस्थायी स्थिति होती है।
भ्रम: केवल व्यायाम करने से यह पूरी तरह ठीक हो जाता है।
सच्चाई: यदि स्तन ऊतक बढ़ चुका है, तो केवल व्यायाम से उसे पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता।
भ्रम: हर किशोर को शल्य चिकित्सा की आवश्यकता होती है।
सच्चाई: अधिकांश किशोर बिना किसी उपचार के पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं।
यदि आपके बच्चे में यह समस्या दिखाई दे, तो घबराने के बजाय उसे समझें और सहयोग करें।
ध्यान रखने योग्य बातें—

प्यूबर्टल गाइनेकोमैस्टिया किशोरावस्था के दौरान होने वाला एक सामान्य और अस्थायी शारीरिक परिवर्तन है। अधिकांश मामलों में यह हार्मोनल बदलाव के कारण होता है और समय के साथ अपने आप ठीक हो जाता है। इसलिए केवल स्तनों का हल्का बढ़ना चिंता का विषय नहीं होता।
हालांकि, यदि स्तनों का आकार तेजी से बढ़े, लगातार दर्द रहे, निप्पल से स्राव हो, कठोर गांठ महसूस हो या समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है। सही समय पर जांच और उचित सलाह से किसी भी गंभीर कारण की पहचान की जा सकती है और आवश्यकता होने पर उचित उपचार किया जा सकता है। यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहती है या शारीरिक एवं मानसिक असुविधा का कारण बनती है, तो उदयपुर में सबसे अच्छे कॉस्मेटिक सर्जन से, उदयपुर में स्टार हॉस्पिटल परामर्श लेकर उचित जांच और उपचार की दिशा में आगे बढ़ना बेहतर होता है।